फ्राम की कहानी : १७२० – मराठों का नाविक विजय

अंग्रेजों ने विजयदुर्ग को जीतने की पूरी कोशिश की। समुद्र की लहरों पर मानो एक किला खडा कर दिया – फ्राम: तैरता हुआ तोपखाना।
यह फ्राम और विजयदुर्ग की कहानी है। वीर कान्होजी आंग्रे के शौर्य की कहानी ! फ्राम की कहानी : १७२० – मराठों का नाविक विजय.

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